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घोड़ाडोंगरी नगर परिषद का ‘अंधेर नगरी’ चौपट राजा का मॉडल

लाखों के डीजल पेट्रोल के बिल फिर भी कचरा वाहन डीजल से उधार*

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घोड़ा डोंगरी। स्वच्छता विकास के नाम पर सरकारी खजाने को कैसे चूना लगाया जाता है, इसकी जीती-जागती मिसाल नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में देखने को मिल रही है। नगर परिषद के समस्त वार्डों से कचरा संग्रह करने वाले वाहन इन दोनों डीजल पेट्रोल के लिए मोहताज होकर उधार है नगर परिषद घोड़ा डोंगरी में डीजल पेट्रोल का भंडारण कर 5-5 लीटर डीजल प्रत्येक कचरा वाहन को दिया जा रहा है

*इन दिनों में कचरा वाहन ‘शो-पीस’ बनकर रह गए हैं*।
सुबह सुबह गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल की गूंज सुनाने वाले वाहन डीजल से उधर होकर नगर के वार्डों में मौन व्रत धारण कर खड़े हैं
जो कचरा वाहन गली मोहल्ले से कचरा संग्रह करने वाले यह वाहन वार्डों में यहां वहां डीजल से उधार होकर खड़े नजर आ रहे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण आज वार्ड नंबर 12 से कचरा संग्रह कर ट्रेंचिंग ग्राउंड जा रहे हैं वाहन का डीजल प्राइमरी स्कूल बाजार मोहल्ले के सामने खत्म हो गया जहां ड्राइवर बार-बार सेल्फ मारकर गाड़ी चालू करने की प्रयत्न करता रहा बड़ी कोशिश करने के बाद जब वाहन चालू नहीं हुआ तो दो- घटे के बाद परिषद के अन्य कचरा वाहन से डीजल से उधार होकर खड़े वाहन को रस्सी से बांधकर टोचन से खींचकर नगर परिषद घोड़ा डोंगरी ले जाया गया जब इसकी पड़ताल की तो वाहन डीजल खत्म होने के कारण खड़ा हैजानकारी प्राप्त हुई
, *नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी कि साख पर लग रहा बट्टा-*
यूं तो वर्तमान प्रभारी सीएमओ नवनीत पांडे ईमानदार और बेदाग छवि के जाने जाते हैं पर नगर परिषद के ही कर्मचारी उनकी बेदाग छवि को धूमिल करने में लगे हुए हैं नगर परिषद के वाहनों में कभी जल आपूर्ति के वाहन में डीजल खत्म हो रहा है तो कभी नगर परिषद की कचरा संग्रह करने वाले कचरा वाहनों में डीजल खत्म हो रहा है

*डीजल पेट्रोल पर उठ रहे गंभीर सवाल:*

*अंधेर नगरी चौपट राजा कि तर्ज पर क्षेत्र की जनता अब खुलकर पूछ रही है कि नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में डीजल पेट्रोल का इकट्ठा भंडारण क्यों*
आखिर करते क्या है डीजल पेट्रोल का जब करोड़ों की परिषद डीजल पेट्रोल से ही उधार है

*जब नगर के बीचो-बीच महज चांद मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप तो फिर भंडारण की आवश्यकता ही क्यों*

*नगर परिषद के समस्त वाहनों की लाक बुक भरी जा रही है तो नगर परिषद के वाहन खड़े क्यों हो रहे हैं डीजल के लिए वार्डों में*

 

*तो नगर परिषद घोड़ाडोंगरी का वाहन शाखा प्रभारी किस बात का मासिक भुगतान ले रहा है? स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि वाहन शाखा प्रभारी का काम केवल दफ्तर में बैठकर भुगतान पाना है, जबकि वार्डो में परिषद के वाहन डीजल पेट्रोल से उधर होकर खड़े हैं और देख रेख का नामोनिशान नहीं है।*

*👉सीएमओ साहब से जनता के तीखे सवाल*
*अब नगर परिषद की टीम और सीएमओ साहब सीधे जनता के निशाने पर हैं। भ्रष्टाचार और लापरवाही के इस अंधेरे को दूर करने के लिए जनता ने कुछ बुनियादी मांगें रखी हैं:*
*नगर परिषद के समस्त वाहनों की 30 दिनों की ‘कार्य डायरी’ सार्वजनिक की जाए।*
*बताया जाए कि पिछले एक महीने में नगर के वार्ड में कितने किलोमीटर परिषद के वाहनों का संचालन हुआ?*
*नगर परिषद के सभी वाहनों की लाक बुक से खर्च डीजल पेट्रोल का मिलान किया जाय*

*एक माह में कितने रुपए के डीजल, पेट्रोल के बिल का भुगतान किया गया है जांच की जाए*
*डीजल के बिल किस फॉर्म के है और डीजल पेट्रोल कहां से खरीदा गया है इसकी जांच की जाए*

*जब नगर परिषद के वाहनों को डीजल पर्ची जारी की जा रही है तो यह डीजल पेट्रोल का उपयोग कौन कर रहा है*

*जब ‘मैनेजमेंट’ हो, तो सब मौन!*
*नगर परिषद की इस हालत पर पत्रकारिता जगत की यह बात बिल्कुल सटीक बैठती है कि— “अगर सिस्टम चाह ले, तो एक मच्छर भी पर नहीं मार सकता,”* *लेकिन जब सरकारी पैसे की बंदरबांट करनी हो और काम के बदले केवल कागजी खानापूर्ति करनी हो, तो लाखों का डीजल पेट्रोल खरीदी के बाद भी वाहन डीजल के लिए दम तोड़ सकते हैं।*

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